🔱 ज्योतिर्लिंग शिवमठ लखनऊ का इतिहास 🔱

श्री ज्योतिर्लिंग शिवमठ लखनऊ का इतिहास अत्यंत प्राचीन एवं दिव्य है। यह मंदिर भगवान भोले शंकर के लिए आस्था का एक प्रमुख केंद्र है और इसके चमत्कारिक शिवलिंग के लिए पूरे उत्तर भारत में विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

शिवमठ ज्योतिर्लिंग आज जिस स्थान पर स्थित है, उसके बारे में कहा जाता है कि सैकड़ों वर्षों से वहाँ एक नाग आता था। आज भी वहाँ के बुजुर्ग बताते हैं कि उन्होंने उस नाग को कई बार देखा है। लगभग 300 वर्ष पूर्व यह स्थान एक श्मशान घाट था। लोग यहाँ अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार करते थे और पास के कुएँ से जल ग्रहण करते थे।

लगभग 100 वर्ष पहले जब इस भूमि की बिक्री शुरू हुई तो खुदाई में कई प्राचीन पत्थरों के टुकड़े मिले। इससे प्रतीत होता है कि वहाँ कभी मंदिर अवश्य था। इसी भूमि को श्री राजेश कुमार तिवारी ने मकान निर्माण हेतु खरीदा। खुदाई के बाद श्री तिवारी को एक स्वप्न आया जिसमें किसी दिव्य शक्ति ने कहा – "इस स्थान पर मंदिर बनाओ, नहीं तो यहाँ रह नहीं पाओगे।"

शुरू में उन्होंने इस स्वप्न को किसी से साझा नहीं किया, लेकिन कुछ ही दिनों में उनके परिवार पर संकट आ गया। उनकी धर्मपत्नी गंभीर रूप से बीमार हो गईं और पीजीआई में भर्ती करनी पड़ी। तब श्री तिवारी ने निश्चय किया कि वे मंदिर का निर्माण करेंगे।

उन्होंने प्राचीन पत्थरों को सुरक्षित रखकर उनकी पूजा प्रारंभ की और नियमित आरती शुरू कर दी। ये पत्थर आज भी मंदिर में सुरक्षित हैं और श्रद्धालुओं द्वारा पूजित किए जाते हैं। लोगों ने मंदिर के निर्माण में सहयोग देना शुरू किया। श्री संजय नारायण जी के सहयोग से मंदिर का स्वरूप धीरे‑धीरे विकसित होता गया। वर्ष 2002 में यहाँ एक नए शिवलिंग की प्राण‑प्रतिष्ठा की गई।

ब्राह्मण होने के नाते, श्री तिवारी ने सफेद शिवलिंग की स्थापना की। प्रतिष्ठा के अगले ही दिन शिवलिंग का रंग नीला हो गया, जैसे भगवान शिव के कंठ में विष हो। साथ ही उस पर "ॐ" की आकृति प्रकट हो गई, जो आज भी स्पष्ट रूप से विद्यमान है और श्रद्धालुओं द्वारा पूजित होती है।

इस चमत्कार को समाचार पत्रों और टीवी चैनलों ने खूब प्रकाशित किया। इसके बाद दूर‑दूर से श्रद्धालु दर्शन हेतु आने लगे। अब यह स्थान एक विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग स्थल के रूप में प्रतिष्ठित हो चुका है और लखनऊ से आस्था‑यात्रा करने वाले शिव भक्तों का प्रमुख गंतव्य बन गया है।

ज्योतिर्लिंग शिवमठ लखनऊ – भोले शंकर के दिव्य दर्शन, निःशुल्क रुद्राभिषेक और आध्यात्मिक शांति का केंद्र।